झांसी न्यूज डेस्क: बुंदेलखंड को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए झांसी में विकसित की जा रही बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) की ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल सिटी परियोजना को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पर्यावरणीय मंजूरी मिल गई है। इस स्वीकृति के साथ बीडा मास्टर प्लान-2045 को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना 253.33 वर्ग किलोमीटर (62,599.20 एकड़) क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें झांसी सदर तहसील के 33 गांव शामिल हैं। परियोजना के तहत कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
मास्टर प्लान के अनुसार, कुल क्षेत्रफल का 33.02 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि आवासीय और आबादी क्षेत्र के लिए 16.90 प्रतिशत भूमि निर्धारित की गई है। इसके अलावा लगभग 25 प्रतिशत क्षेत्र को ग्रीन जोन और मनोरंजक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखा जाएगा। सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स हब के विकास के लिए भी विशेष भूमि आवंटित की गई है।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परियोजना में 50 मीटर चौड़ा ग्रीन बफर जोन और डोंगरी बांध के चारों ओर 150 मीटर चौड़ा ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाएगा। साथ ही, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा।
बीडा में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे उपचारित जल का पुनः उपयोग किया जा सके और किसी भी प्रकार का गंदा पानी बेतवा, पहुज और अंगौरी नदियों में न छोड़ा जाए।
बीडा के सीईओ संजय कुमार खत्री के अनुसार, यह मंजूरी बुंदेलखंड के विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। परियोजना को मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप देश की सबसे आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सतत औद्योगिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।